Jhansi News: झांसी में रिश्तों का घिनौना खेल! डॉक्टर पर गंभीर आरोप, 3 शादियां अब डीएनए टेस्ट से खुलेगा राज

Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक सरकारी चिकित्सक के खिलाफ गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति, जो पेशे से डॉक्टर बताया जा रहा है, पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी, मारपीट और अपनी नाबालिग बेटी को स्वीकार न करने जैसे आरोप लगाए हैं। मामला अब पुलिस जांच और डीएनए परीक्षण तक पहुंच चुका है। शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात आरोपी डॉक्टर से उस समय हुई थी जब वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रावास में रह रही थी।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने पहले दोस्ती की और बाद में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी दावा किया कि इस दौरान आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। महिला के अनुसार, बाद में शादी का दबाव बनाकर 1 मई 2020 को विवाह किया गया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कई शादियों का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी डॉक्टर पहले से विवाहित था। महिला का आरोप है कि उसने एक से अधिक शादियां कीं और प्रत्येक मामले में सबूत मिटाने की कोशिश की। यहां तक कि पहली पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का भी जिक्र किया गया है, हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इन आरोपों की सत्यता फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

महिला का कहना है कि शादी के बाद उसे प्रताड़ित किया गया और हथियार दिखाकर डराया-धमकाया गया। अब विवाद उस समय गहरा गया जब डॉक्टर ने कथित तौर पर पांच वर्ष की बच्ची को अपनी संतान मानने से इनकार कर दिया। इसी विवाद के चलते मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

झांसी पुलिस ने महिला थाने में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। डीएनए परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि और न्यायिक प्रक्रिया का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। फिलहाल सभी की नजरें डीएनए रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।

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