PM Awas Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब दो लाख लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त की राशि ट्रांसफर कर दी है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे हजारों परिवारों के अपने पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है।
राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर लगभग 2000 करोड़ रुपये की अनुदान राशि लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। इस मौके पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी उपस्थित रहे।
BLC श्रेणी के लाभार्थियों को मिला लाभ
यह राशि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करने वाले लोगों को दी गई है। इस श्रेणी में वे लोग शामिल होते हैं, जिनके पास स्वयं की जमीन है और वे अपने घर का निर्माण कराना चाहते हैं। सरकार की ओर से ऐसे लाभार्थियों को कुल 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पीएम आवास योजना शहरी के तहत मिलने वाली कुल सहायता राशि में से 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिए जाते हैं, जबकि 1 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से प्रदान किए जाते हैं। यह पैसा चरणबद्ध तरीके से तीन किस्तों में लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
लाभार्थी ऐसे करें अपना नाम चेक
- अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके खाते में पैसा आया है या नहीं, तो इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की वेबसाइट पर जाएं।
- वहां “Track Application” विकल्प पर क्लिक करें।
- इसके बाद Beneficiary Code, आधार से नाम या मोबाइल नंबर में से किसी एक विकल्प का चयन करें।
- जरूरी जानकारी और कैप्चा कोड भरने के बाद “Show” बटन पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपके आवेदन और भुगतान की स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।
अगली किस्त कब मिलेगी?
योजना के तहत लाभार्थियों को कुल तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है। पहली और दूसरी किस्त में 40-40 प्रतिशत राशि जारी की जाती है, जबकि अंतिम किस्त के रूप में शेष 20 प्रतिशत राशि दी जाती है। पहली किस्त मिलने के बाद निर्माण कार्य की प्रगति और प्रशासनिक सत्यापन के आधार पर दूसरी किस्त जारी की जाती है। दिशानिर्देशों के अनुसार लाभार्थी को 12 से 18 महीने के भीतर मकान का निर्माण पूरा करना होता है। निर्माण पूरा होने के बाद घर की जियो-टैगिंग की जाती है। जियो-टैगिंग और सत्यापन के सात दिनों के भीतर शेष राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाती है।
इन वर्गों को दी जाती है प्राथमिकता
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत पात्र लाभार्थियों की सूची में कुछ वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है। इनमें विधवा महिलाएं, एकल महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय और अन्य कमजोर वर्ग शामिल हैं। यह योजना न केवल लोगों को पक्का घर देने का जरिया बन रही है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
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अर्जुन झा एक अनुभवी लेखक और डिजिटल पत्रकार हैं, जो राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और करियर से जुड़ी ख़बरों में गहरी रुचि रखते हैं। इनका उद्देश्य है लोगों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुँचाना। Len News के माध्यम से इन्होंने हज़ारों पाठकों को सरकारी अपडेट, योजना फॉर्म और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई है।