बड़ी खबर: पीएम आवास योजना ग्रामीण का दूसरा सर्वे शुरू, घर बैठे ऐसे भरें आवेदन फॉर्म – PM Awas Yojana Gramin Survey

PM Awas Yojana Gramin Survey: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत दूसरे चरण का सर्वे शुरू कर दिया गया है। यह सर्वे खासतौर पर उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक नया अवसर लेकर आया है, जो पहले किसी कारणवश सर्वे में शामिल नहीं हो पाए थे और आज भी कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि देश के हर पात्र ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पक्का आवास मिल सके।

नए सर्वे चरण में प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है जिनके पास अभी तक पक्का घर नहीं है। ऐसे परिवार जो झोपड़ी, कच्चे या बेहद कमजोर मकान में रह रहे हैं, उन्हें इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, मजदूर परिवार, अनुसूचित जाति/जनजाति और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को भी वरीयता दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वास्तविक जरूरतमंद तक ही योजना का लाभ पहुंचे।

पीएम आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य

PMAY-G का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। इसके तहत सरकार पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देती है, ताकि वे बिना किसी कर्ज के अपना पक्का घर बना सकें। यह योजना न केवल आवास उपलब्ध कराती है, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

इस बार सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब ग्रामीण नागरिकों को ग्राम पंचायत या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। मोबाइल फोन के जरिए ही आवेदन और सर्वे पूरा किया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने Awas Plus या PM Awas Survey App उपलब्ध कराया है, जिसे स्मार्टफोन में इंस्टॉल कर आसानी से उपयोग किया जा सकता है।

मोबाइल ऐप से सर्वे कैसे करें

मोबाइल ऐप के जरिए सर्वे करने के लिए सबसे पहले ऐप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आधार नंबर से लॉगिन कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। लॉगिन के बाद व्यक्तिगत जानकारी, परिवार का विवरण और आवास की स्थिति से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। अंत में घर और जरूरी दस्तावेजों की फोटो अपलोड कर फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है। आवेदन सबमिट होते ही सर्वे का डेटा सरकार के पास पहुंच जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दी जाने वाली सहायता राशि क्षेत्र के आधार पर तय की जाती है। सामान्य और समतल क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों को लगभग 1,20,000 रुपये की सहायता मिलती है। वहीं पहाड़ी, दुर्गम या कठिन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को 1,30,000 रुपये तक की राशि दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

पात्रता की मुख्य शर्तें

पीएम आवास योजना ग्रामीण सर्वे में वही परिवार शामिल हो सकते हैं जिनके नाम पर पहले से कोई पक्का मकान नहीं है। इसके अलावा आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी या पहले से किसी अन्य आवास योजना का लाभ ले चुके परिवार इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते। परिवार की आर्थिक स्थिति, आवास की वर्तमान हालत और सामाजिक मानकों के आधार पर पात्रता तय की जाती है।

सर्वे के दौरान कुछ आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत होती है। इनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार पहचान पत्र, बैंक खाता पासबुक, मोबाइल नंबर और वर्तमान घर की फोटो शामिल है। यदि उपलब्ध हो तो नरेगा जॉब कार्ड और आय प्रमाण पत्र भी अपलोड किए जा सकते हैं। सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट होने पर ही आवेदन को मान्य माना जाएगा।

सर्वे के बाद क्या होगी प्रक्रिया

सर्वे पूरा होने के बाद सरकारी अधिकारी आवेदनों की जांच करेंगे। सत्यापन के बाद पात्र परिवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। जिन परिवारों का नाम सूची में शामिल होगा, उन्हें घर निर्माण के लिए किस्तों में सहायता राशि दी जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार अगली किस्त जारी की जाती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पीएम आवास योजना ग्रामीण का दूसरा सर्वे उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अब तक पक्के घर का सपना देख रहे थे। डिजिटल प्रक्रिया ने इसे और भी आसान बना दिया है। यदि आप या आपके आसपास कोई पात्र परिवार कच्चे मकान में रह रहा है, तो यह सर्वे उनके जीवन को बदलने का एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है।

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