UP News: उत्तर प्रदेश में चालक प्रशिक्षण केंद्र खोलने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब ऐसे केंद्र स्थापित करने के इच्छुक लोगों को सीधे राज्य परिवहन प्राधिकरण में आवेदन करने के बजाय पहले संबंधित जिले के जिलाधिकारी के सामने अपना प्रस्ताव रखना होगा। जिलाधिकारी की संस्तुति मिलने के बाद ही राज्य परिवहन प्राधिकरण में आगे की कार्रवाई के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
शासन ने चालक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए पहले लागू लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर नए मानकों के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप करना है।
UP News: डीपीआर तैयार करना होगा
नए नियम के तहत आवेदक को चालक प्रशिक्षण केंद्र के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करनी होगी। यह डीपीआर किसी नेशनल स्किल काउंसिल से अनुमोदित होना जरूरी बताया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद आवेदक को इसे अपने प्रस्ताव के साथ संबंधित जिले के जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
DM की संस्तुति के बाद होगी आगे की प्रक्रिया
जिलाधिकारी प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद अपनी संस्तुति देंगे। इसके बाद ही आवेदक राज्य परिवहन प्राधिकरण के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेगा। इस बदलाव के बाद चालक प्रशिक्षण केंद्र खोलने वालों के लिए जिला स्तर की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। इच्छुक आवेदकों को आवेदन से पहले नए मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जुटाने की सलाह दी गई है।
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अर्जुन झा एक अनुभवी लेखक और डिजिटल पत्रकार हैं, जो राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और करियर से जुड़ी ख़बरों में गहरी रुचि रखते हैं। इनका उद्देश्य है लोगों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुँचाना। Len News के माध्यम से इन्होंने हज़ारों पाठकों को सरकारी अपडेट, योजना फॉर्म और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई है।
