सनसनीखेज खुलासा: ललितपुर पुलिस ने पकड़ा ‘किडनैपिंग’ का मास्टरमाइंड, खुद ही रची थी झूठी कहानी – Lalitpur News

Lalitpur News: पुलिस अधीक्षक मो0 मुश्ताक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में कोतवाली पुलिस द्वारा कोतवाली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 519/2024 धारा- 364ए/120बी भादवि सपठित धारा 116 IPC में वांछित अभियुक्त समीर कुशवाहा उर्फ सतीशचन्द्र कुशवाहा पुत्र भगवानदास कुशवाहा उम्र करीव 28 वर्ष निवासी ग्राम कुरौरा थाना महरौनी जनपद ललितपुर को नियमानुसार गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेजा जा रहा है।

घटना का विवरण

वादिया श्रीमती कमलेश पत्नी मनोज निवासी खांदी मजरा रानीपुर थाना तालबेहट जनपद ललितपुर द्वारा 25.06.2024 को कोतवाली ललितपुर पर तहरीर देकर अवगत कराया गया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा वादिया के पति का अहमदाबाद (गुजरात) से अपहरण कर हुण्डई कार सहित ले जाना व फिरौती के लिए 30 लाख रुपये की मांग करना, फिरौती के रुपये न देने पर वादिया के पति को जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में सूचना दी गयी थी। सूचना के आधार पर कोतवाली ललितपुर में 25.06.2024 को मु0अ0स0 519/2024 धारा 364ए IPC में अभियोग पंजीकृत किया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए घटना के अनावरण हेतु क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में 04 टीमें स्वाट टीम, साइबर, सर्विलांस व थाना स्तर से गठित की गयी थी। गठित टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त की विवेचना करते हुए गहनता से जाँच की गयी तो अभियुक्त मनोज को स्वयं के अपहरण की साजिश रचने व अपहरण की साजिश में शामिल अन्य अभियुक्तों भगवान दास, मगंल व हिम्मत उपरोक्त को 28.06.2024 को गिरफ्तार किया गया था, उक्त घटना में शामिल व वांछित चल रहे अभियुक्त समीर उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया है।

पूछतांछ का विवरण

अभियुक्त समीर उर्फ सतीशचन्द्र कुशवाहा उपरोक्त नें बताया कि साहब मेरे साथी मनोज ने वर्ष 2018 मे प्रकृति रक्षक निधि लिमिटेड नामक चिट फण्ड सोसाइटी खोली थी, जिसका वह सी.एम.डी. था । उसने भगवानदास, मंगल को कम्पनी मे ऐजेन्ट बनाया था, बाद में भगवान दास को ललितपुर का बैंक मैनेजर बनाया था। कम्पनी मे ललितपुर के काफी लोगो का लगभग 2.5 से 3 करोड़ रूपये जमा था, कुछ लोगो का पैसा वापस कर दिया गया था और कुछ लोगों का पैसा वापस नही किया और कम्पनी बंद करके मनोज, अपनी पत्नी व बच्चो के साथ इंदौर मे छिप कर रहने लगा।

मनोज के विरुद्ध कई मुकदमे भी लिख गये थे तथा ललितपुर कोर्ट में NI Act का वाद पंजीकृत हो गया था। न्यायालय के कडे रूख एवं लाभार्थियो के पैसे वापस न होने से लाभार्थियो के दवाब के कारण मनोज ने मेरे व अन्य साथियों 1- भगवानदास 2- मंगल 3- हिम्मत निवासीगण कुरौरा थाना महरौनी जनपद ललितपुर के साथ मिलकर योजना बनायी कि मै अपने अपहरण का झूठा नाटक बनाकर वास्तविक स्थिति को अपनी पत्नी से छिपाकर पत्नी से फिरौती हेतु अपहरण का मुकदमा लिखवा देता हूँ।

तभी हमने मनोज की पत्नी को फोन करके बताया कि मनोज का अपहरण कर लिया है तथा छोडने की एवज मे तीस लाख रूपये मांगे थे। साहब आप लोगों ने मेरे साथियों मनोज कुमार, भगवानदास, मंगल, हिम्मत सिहं को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था और मैं तबसे छिप-छिपाकर रह रहा था। साहब मुझसे गलती हो गयी है मुझे मांफ कर दीजिये।

गिरफ्तार करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी कोतवाली ललितपुर जनपद ललितपुर, निरीक्षक जनार्दन यादव कोतवाली ललितपुर जनपद ललितपुर, उ0नि0 ध्यान सिंह कोतवाली ललितपुर जनपद ललितपुर।

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