Lalitpur News: ललितपुर ब्रेकिंग: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की सजा, 23 हजार रुपये का जुर्माना

Lalitpur News: जनपद ललितपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 23 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजे (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय, ललितपुर के इस निर्णय को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला थाना तालबेहट क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2020 में आरोपी सोन सिंह उर्फ हल्के निवासी ग्राम रामपुर मजरा बदनपुर के खिलाफ दुष्कर्म,

अपहरण और बहला-फुसलाकर ले जाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 363, 366 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल जांच शुरू की और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए।

पुलिस ने गठित की विशेष टीम

पुलिस अधीक्षक ललितपुर श्री मो. मुश्ताक के निर्देशन में इस मामले की विवेचना के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिससे केस मजबूत हो सके। समयबद्ध तरीके से विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

प्रभावी पैरवी से मजबूत हुआ केस

इस मामले में पुलिस ने केवल जांच ही नहीं, बल्कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर भी विशेष ध्यान दिया। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की गई और संबंधित थाना प्रभारी, कोर्ट पैरोकार एवं अभियोजन पक्ष को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

थाना तालबेहट पुलिस, अभियोजन टीम और कोर्ट पैरोकार के संयुक्त प्रयासों से केस को मजबूती मिली, जिसका सीधा असर न्यायालय के फैसले में देखने को मिला। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एडीजे (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय, ललितपुर ने आरोपी को दोषी करार दिया। दिनांक 23 मार्च 2026 को न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 23,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

पुलिस की प्राथमिकता: दोषियों को सख्त सजा

ललितपुर पुलिस द्वारा चिन्हित गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी और साक्ष्य आधारित विवेचना पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यह फैसला समाज में एक स्पष्ट संदेश देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी साबित करता है कि यदि पुलिस द्वारा मजबूत विवेचना की जाए और न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाए, तो अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना संभव है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

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