UP Marriage Certificate: भारत देश में कोई भी इंसान अगर शादी कर लेता है तो उसे सामाजिक मान्यता नहीं बल्कि कानूनी शादी की मान्यता बहुत ही जरूरी रहता है, अगर कपल द्वारा कानूनी तौर पर मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बनवाया तो बड़ी दिक्कत होती है, इसलिए शादी करने के बाद मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना बहुत ही जरूरी है। हम आपको इस लेख में शादी का सर्टिफिकेट कैसे बनवाया या खुद से बनाया जाता है इन सभी के बारे में स्टेप वार बता रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाते हुए ऑनलाइन कर दिया है। अब नवविवाहित जोड़े घर बैठे स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग (IGRSUP) के आधिकारिक पोर्टल के जरिए विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विवाह प्रमाण पत्र के प्रमुख लाभ
कानूनी मान्यता: यह विवाह का आधिकारिक व कानूनी दस्तावेज होता है।
सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा: बैंक खातों में नॉमिनेशन, बीमा क्लेम और पारिवारिक पेंशन जैसे मामलों में जीवनसाथी के दावे को प्रमाणित करता है।
सरकारी प्रक्रियाओं में उपयोग: पासपोर्ट बनवाने, वीजा आवेदन या संयुक्त संपत्ति रजिस्ट्री के समय यह अनिवार्य दस्तावेज के रूप में काम आता है।
आवश्यक दस्तावेज और फाइल साइज
आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले वर, वधू और दो गवाहों (साक्षियों) के दस्तावेज निर्धारित फॉर्मेट में तैयार रखें:
वर एवं वधू के लिए:
पहचान और निवास प्रमाण पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड या आधार कार्ड)
आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र अथवा 10वीं की अंकतालिका)
वर-वधू की संयुक्त तस्वीर (JPG फॉर्मेट, 40 KB से कम)
शादी का कार्ड या विवाह निमंत्रण पत्र
नोटरी द्वारा प्रमाणित निर्धारित प्रारूप का शपथ पत्र (PDF फॉर्मेट, 70 KB से कम)
दो गवाहों के लिए:
पहचान, आयु और निवास प्रमाण पत्र (PDF फॉर्मेट, 70 KB से कम)
गवाहों की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
पंजीकरण शुल्क (Fees)
ऑनलाइन आवेदन करने के चरण
पोर्टल पर जाएं: स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट igrsup.gov.in पर जाएं और ‘विवाह पंजीकरण’ का विकल्प चुनें।
विवरण दर्ज करें: आवेदन पत्र को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सावधानीपूर्वक भरें।
दस्तावेज अपलोड करें: वर, वधू और दोनों गवाहों के फोटो, पहचान, पते के प्रमाण और नोटरी शपथ पत्र अपलोड करें।
प्रीव्यू व सुधार: फॉर्म सबमिट करने से पहले ‘Preview’ विकल्प में जाकर सभी जानकारियों की दोबारा जांच कर लें।
शुल्क भुगतान व पावती: ऑनलाइन माध्यम से ₹10 या ₹20 का शुल्क जमा करें और भुगतान रसीद व आवेदन फॉर्म का प्रिंट निकाल लें।
कार्यालय सत्यापन: आवेदन की तारीख से 30 दिनों के भीतर किसी भी कार्य दिवस पर अपने सभी मूल दस्तावेजों और रसीद के साथ चयनित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर भौतिक सत्यापन पूरा कराएं।

अर्जुन झा एक अनुभवी लेखक और डिजिटल पत्रकार हैं, जो राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और करियर से जुड़ी ख़बरों में गहरी रुचि रखते हैं। इनका उद्देश्य है लोगों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुँचाना। Len News के माध्यम से इन्होंने हज़ारों पाठकों को सरकारी अपडेट, योजना फॉर्म और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई है।
