UP News: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामसभा की विवादित भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब किसी मामले को दूसरे जिले में ट्रांसफर करने से पहले संबंधित जिले के जिलाधिकारी की मंजूरी लेना जरूरी होगा। इस संबंध में चकबंदी विभाग ने प्रदेशभर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत ग्रामसभा की विवादित भूमि से जुड़े मामलों को दूसरे जिले में भेजने से पहले जिलाधिकारी की स्वीकृति जरूरी होगी। बिना अनुमति मामले स्थानांतरित करने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
UP News: बिना DM की मंजूरी नहीं होगा ट्रांसफर
लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान कुछ प्रकरणों में विवादित जमीन की सुनवाई दूसरे जिलों में स्थानांतरित किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
जमीन खुर्द-बुर्द करने पर FIR
ग्रामसभा की विवादित भूमि से जुड़े आदेशों को लागू करने में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। वहीं, यदि किसी व्यक्ति द्वारा ग्रामसभा की जमीन को अवैध तरीके से खुर्द-बुर्द करने या नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आता है तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामसभा की जमीन की सुरक्षा के साथ विवादित मामलों में मनमानी और अनियमितता पर रोक लगाना है।
नई व्यवस्था के तहत ग्रामसभा की विवादित जमीन से जुड़े मामलों को दूसरे जिले में भेजने से पहले प्रशासनिक स्तर पर अनुमति लेना जरूरी होगा। सरकार ने यह कदम मामलों की सुनवाई में पारदर्शिता बढ़ाने और जमीन से जुड़े विवादों में अनियमितता पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है।
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अर्जुन झा एक अनुभवी लेखक और डिजिटल पत्रकार हैं, जो राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा और करियर से जुड़ी ख़बरों में गहरी रुचि रखते हैं। इनका उद्देश्य है लोगों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुँचाना। Len News के माध्यम से इन्होंने हज़ारों पाठकों को सरकारी अपडेट, योजना फॉर्म और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई है।
